राष्ट्रपति मुर्मु ने ऐतिहासिक भारत–यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के सफल समापन का स्वागत किया
नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बुधवार को भारत–यूरोपीय संघ (ईयू) मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर ऐतिहासिक वार्ताओं के सफल समापन पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह समझौता दोनों पक्षों के लोगों के जीवन में महत्वपूर्ण सकारात्मक बदलाव लाएगा।
राष्ट्रपति भवन में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंतोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के सम्मान में आयोजित भोज को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि यह समझौता भारत और यूरोपीय संघ की उस साझा आकांक्षा को दर्शाता है, जिसके तहत एक स्थिर, संतुलित और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था का निर्माण किया जाना है।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और यूरोप केवल समकालीन हितों से ही नहीं, बल्कि लोकतंत्र, बहुलवाद और मुक्त बाजार अर्थव्यवस्था जैसे साझा मूल्यों से भी जुड़े हुए हैं। उन्होंने बताया कि आर्थिक सहयोग भारत–ईयू संबंधों का एक प्रमुख स्तंभ बना हुआ है, क्योंकि दोनों पक्ष व्यापार और निवेश को साझा समृद्धि और सामाजिक प्रगति के महत्वपूर्ण साधन मानते हैं।
बढ़ते रणनीतिक जुड़ाव का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि यात्रा के दौरान संपन्न भारत–ईयू सुरक्षा और रक्षा साझेदारी से रक्षा उद्योगों के लिए नए अवसर खुलेंगे और सुरक्षा क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि भारत स्वच्छ ऊर्जा, जलवायु वित्त और सतत प्रौद्योगिकियों जैसे क्षेत्रों में यूरोपीय संघ के साथ सहयोग को मजबूत करने का इच्छुक है। इन क्षेत्रों में संयुक्त प्रयास वैश्विक स्थिरता लक्ष्यों में योगदान देंगे।
यूरोपीय नेताओं की यह यात्रा भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापक साझेदारी को और गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
— हिंद समाचार

By:- Abhilash C G




