2012 जलना मामले में न्याय की जीत: राष्ट्रपति ने दया याचिका खारिज की
जलना / नई दिल्ली: एक महत्वपूर्ण संवैधानिक घटनाक्रम में, भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने महाराष्ट्र के 2012 जलना बाल अपहरण, दुष्कर्म और हत्या मामले के दोषी रवि अशोक घुमारे की दया याचिका खारिज कर दी है। इसके साथ ही दोषी के पास उपलब्ध सभी कानूनी और संवैधानिक विकल्प समाप्त हो गए हैं और एक दशक से अधिक पुराने इस मामले का अंतिम निष्कर्ष सामने आया है।
यह मामला 6 मार्च 2012 का है, जब दो वर्षीय बच्ची का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म किया गया और उसकी हत्या कर दी गई। इस जघन्य अपराध ने पूरे देश को झकझोर दिया था।
विस्तृत सुनवाई के बाद आरोपी को मृत्युदंड सुनाया गया, जिसे 3 अक्टूबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने “दुर्लभ से दुर्लभतम” की श्रेणी में रखते हुए बरकरार रखा।
राष्ट्रपति द्वारा दया याचिका खारिज किए जाने के साथ ही यह लंबी कानूनी प्रक्रिया अपने अंतिम चरण पर पहुंच गई है। यह निर्णय बच्चों के खिलाफ अपराधों पर भारत के कड़े रुख को दर्शाता है।
— हिंद समाचार




