स्वच्छ विमानन में नया मील का पत्थर: भारत–नॉर्वे सहयोग
नई दिल्ली: स्थायी विमानन के भविष्य की दिशा में भारत और नॉर्वे एक महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं। इंडो–नॉर्वेजियन स्टार्टअप सिरीनॉर अपने इलेक्ट्रिक जेट इंजन तकनीक का ड्रोन प्लेटफॉर्म पर परीक्षण करने की तैयारी कर रहा है। यह कदम ग्राउंड ट्रायल्स की सफल समाप्ति के बाद उठाया गया है।
आगामी ड्रोन-आधारित परीक्षण में वास्तविक उड़ान परिस्थितियों में सिरीनॉर के इलेक्ट्रिक जेट इंजन के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य शोर प्रदूषण को कम करना, ऊर्जा दक्षता बढ़ाना और पारंपरिक विमान इंजन की तुलना में कार्बन उत्सर्जन को काफी घटाना है।
उद्योग विशेषज्ञ इसे पर्यावरण-अनुकूल हवाई यात्रा की वैश्विक दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानते हैं। विशेष रूप से शॉर्ट-हॉल और मानवरहित हवाई संचालन के लिए अगली पीढ़ी के विमानों में इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन सिस्टम की अहम भूमिका मानी जा रही है।
यह सहयोग उन्नत तकनीक और स्वच्छ ऊर्जा नवाचार में भारत–नॉर्वे की बढ़ती साझेदारी को दर्शाता है। साथ ही, नवाचार और स्वदेशी निर्माण को बढ़ावा देने वाली पहलों के तहत एयरोस्पेस अनुसंधान और टिकाऊ इंजीनियरिंग में भारत की बढ़ती भूमिका को भी रेखांकित करता है।

By:- Meghana Ganesh




