9 वर्षीय अर्शी गुप्ता बनीं F1 अकादमी के ‘डिस्कवर योर ड्राइव’ कार्यक्रम के लिए चुनी गईं सबसे कम उम्र की ड्राइवर
फरीदाबाद / नई दिल्ली:
हरियाणा के फरीदाबाद की 9 वर्षीय कार्टिंग प्रतिभा अर्शी गुप्ता ने इतिहास रचते हुए प्रतिष्ठित F1 अकादमी के ‘डिस्कवर योर ड्राइव’ (DYD) कार्यक्रम में चयनित होने वाली सबसे कम उम्र की ड्राइवर बनने का गौरव हासिल किया है।
भारतीय मोटरस्पोर्ट में पहले ही अपनी पहचान बना चुकी इस युवा रेसर ने उस उम्र में रिकॉर्ड तोड़े हैं, जब अधिकांश बच्चे अभी अपनी रुचियों को खोज रहे होते हैं। वैश्विक स्तर की इस प्रतिभा विकास पहल में उनका चयन भारतीय रेसिंग और महिला मोटरस्पोर्ट के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
वर्ष 2025 में अर्शी ने एशिया की एकमात्र महिला कार्टिंग चैंपियन बनकर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। उन्होंने नेशनल कार्टिंग चैंपियनशिप के माइक्रो मैक्स वर्ग में मिश्रित वर्ग के मजबूत प्रतियोगियों के बीच खिताब जीता। पूरे सत्र के दौरान उनका प्रदर्शन उनकी उम्र से कहीं अधिक परिपक्वता, नियंत्रण और रेसक्राफ्ट को दर्शाता रहा।
अर्शी का मोटरस्पोर्ट सफर बेहद कम उम्र में शुरू हुआ। मजबूत संकल्प और कड़ी ट्रेनिंग के साथ उन्होंने कार्टिंग की विभिन्न श्रेणियों में तेजी से प्रगति की और अपनी गति तथा प्रतिस्पर्धी भावना के लिए पहचान बनाई। उनकी तेज़ उन्नति ने उन्हें देश की सबसे होनहार युवा प्रतिभाओं में शामिल कर दिया है।
F1 अकादमी का ‘डिस्कवर योर ड्राइव’ कार्यक्रम दुनिया भर में युवा महिला रेसिंग प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धी मोटरस्पोर्ट तक पहुंच प्रदान करने के उद्देश्य से बनाया गया है। इस कार्यक्रम में अर्शी का चयन उनके अपार सामर्थ्य को दर्शाता है और उनके लिए अंतरराष्ट्रीय रेसिंग के द्वार खोलता है।
उनकी इस उपलब्धि को भारतीय मोटरस्पोर्ट के लिए गर्व का क्षण माना जा रहा है, खासकर उन युवा लड़कियों के लिए जो रेसिंग में अपना भविष्य देखती हैं। अपने सफर के अगले अध्याय की ओर बढ़ते हुए, अर्शी गुप्ता दृढ़ संकल्प, प्रतिभा और वैश्विक मंच पर भारतीय ड्राइवरों की बढ़ती उपस्थिति की प्रतीक बनकर उभरी हैं।



