मिथुन चक्रवर्ती ने बेटे नमाशी को लग्ज़री से दूर रहने को कहा, ऑडिशन के लिए ऑटो से जाने की सलाह दी
मुंबई: दिग्गज बॉलीवुड अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने अपने बेटे नमाशी चक्रवर्ती को ऑडिशन के लिए मर्सिडीज़ जैसी लग्ज़री कार से न जाने और ऑटो-रिक्शा से यात्रा करने की सख़्त हिदायत दी थी। मिथुन का कहना था कि वह चाहते थे कि नमाशी अपने करियर की शुरुआत “शून्य से” करे और संघर्ष को समझे।
नमाशी ने हाल ही में एक इंटरव्यू में इस घटना को याद किया। उन्होंने बताया कि जब उन्हें पहला ऑडिशन मिला, तो वे परिवार की मर्सिडीज़ से जाने की योजना बना रहे थे। तभी उनके पिता ने उन्हें रोक दिया और साफ़ कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में किसी तरह के विशेषाधिकार या रुतबे का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
“मिथुन दा चाहते थे कि मैं इंडस्ट्री की हकीकत को महसूस करूं,” नमाशी ने कहा। उन्होंने आगे बताया कि उनके पिता का मानना है कि सच्ची तरक्की विनम्रता, अनुशासन और आत्मनिर्भरता से आती है। मिथुन ने उनसे कहा था कि उन्होंने खुद अपना सफर बिना किसी सहारे के शुरू किया था और वे चाहते हैं कि नमाशी भी उसी रास्ते पर चले।
नमाशी ने कहा कि ऑटो से यात्रा करना और अन्य कलाकारों की तरह ऑडिशन की लाइन में खड़ा होना, नए कलाकारों के संघर्ष को समझने में मददगार साबित हुआ। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें अपने मशहूर सरनेम की वजह से मिलने वाला विशेष व्यवहार पसंद नहीं था और वे चाहते थे कि उनका मूल्यांकन सिर्फ़ प्रतिभा के आधार पर हो।
नमाशी ने आगे बताया कि जब कास्टिंग टीमें उन्हें मिथुन चक्रवर्ती का बेटा पहचान लेती थीं, तो वे उन्हें अतिरिक्त आराम या प्राथमिकता देने की कोशिश करती थीं। लेकिन उन्होंने ऐसे विशेषाधिकारों से दूरी बनाए रखी, क्योंकि उनका मानना है कि रोल बैकग्राउंड से नहीं, बल्कि परफॉर्मेंस से मिलने चाहिए।
अभिनेता ने ज़ोर देकर कहा कि उनके पिता का सख़्त रवैया उनकी सोच और कार्यशैली को आकार देने में बेहद अहम रहा। नमाशी के अनुसार, मिथुन चक्रवर्ती चाहते थे कि उनका बेटा पारिवारिक विरासत पर निर्भर होने के बजाय अपनी मेहनत और काबिलियत से सफल हो।
यह कहानी सोशल मीडिया पर काफ़ी चर्चा में है, जहां कई लोग फिल्म इंडस्ट्री में अधिकार की भावना के ख़िलाफ़ मिथुन चक्रवर्ती के ज़मीन से जुड़े मूल्यों की सराहना कर रहे हैं।

