सबरीमला गोल्ड लूट मामला: मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी को वैधानिक जमानत, ईडी की कार्रवाई की संभावना
कोल्लम: चर्चित सबरीमला गोल्ड लूट मामले के मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी को उनके खिलाफ दर्ज दोनों मामलों में जमानत मिलने के बाद जेल से रिहा कर दिया गया है। जांच एजेंसी द्वारा अनिवार्य 90 दिनों की अवधि के भीतर आरोप पत्र दाखिल न किए जाने के कारण मंगलवार को कत्तिलप्पल्ली मामले में उन्हें वैधानिक (डिफॉल्ट) जमानत दी गई। इससे पहले द्वारपालक पल्ली मामले में भी उन्हें इसी आधार पर जमानत मिल चुकी थी।
अदालत ने कहा कि लंबे समय तक आरोप पत्र दाखिल किए बिना रिमांड पर रखने के चलते आरोपी वैधानिक जमानत का हकदार है। लगभग तीन महीने जेल में बिताने के बाद पोट्टी रिहा हुए हैं।
हालांकि, पुलिस मामलों से बाहर आने के बावजूद पोट्टी की कानूनी मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) मामले से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, ईडी उनकी रिहाई के तुरंत बाद गिरफ्तारी या समन जारी कर पूछताछ कर सकती है। इससे पहले वैधानिक जमानत पर रिहा हुए एक अन्य आरोपी मुरली बाबू से ईडी पूछताछ कर चुकी है।
इस बीच, पूर्व देवस्वोम आयुक्त एन. वासु और त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के अध्यक्ष पद्मकुमार को भी अगले दो हफ्तों में इसी तरह की राहत मिलने की संभावना है। तीन महीने की रिमांड अवधि पूरी होने के साथ ही वे भी वैधानिक जमानत के पात्र हो सकते हैं।
सबरीमला गोल्ड लूट मामला मंदिर प्रशासन और वित्तीय लेनदेन से जुड़े आरोपों के कारण पूरे केरल में चर्चा का विषय बना हुआ है। ईडी की जांच तेज होने के साथ यह मामला नए चरण में प्रवेश करने की उम्मीद है।



